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चीन में फैल रहा रहस्यमय न्यूमोनिया

चीन में फैल रही फेफड़ों पर असर करने वाली कोरोना जैसी संक्रामक, रहस्यमयी बीमारी, क्या भारत में भी फैल सकती है.
अगस्त 2023, चीन ने कोरोना लॉकडाउन में 3 साल रहने के बाद सारी पाबंदियां हटा लीं। एक महीने बाद यानी अक्टूबर में ही यहां एक रहस्यमयी बीमारी फैलने लगी। तेज बुखार के साथ न्यूमोनिया जैसी इस बीमारी की वजह से हर रोज हजारों बच्चे अस्पताल पहुंच रहे हैं।
कोरोना की तरह ये बीमारी भी संक्रामक है और चीन के एक शहर से दूसरे शहर में फैल रही है। कुछ लोग इसे वॉकिंग निमोनिया भी कह रहे हैं। चीन का कहना है कि यह पहले से ही मौजूद कुछ बैक्टीरिया और वायरस द्वारा होने वाले इन्फेक्शन हैं जिनमें influenza, mycoplasma pneumoniae (एक बैक्टीरियल इन्फेक्शन जोकि बच्चों में अधिक होता है), respiratory syncytial virus (RSV), COVID-19 आदि मुख्य हैं. (यह भी संभव है कि एक ही मरीज में दो इन्फेक्शन एक साथ हो रहे हों). लेकिन चीन की बातों पर पूरी तरह विश्वास करना संभव नहीं है.
सर्दी के समय में 5 साल तक की उम्र के बच्चों में आमतौर पर उपरोक्त सभी इन्फेक्शन अधिक होते हैं क्योंकि ठंड के समय में वातावरण का तापमान कम हो जाता है और पॉल्यूशन काफी ज्यादा होता है जोकि इन कीटाणुओं के लिए अनुकूल होता है.

21 नवंबर 2023 को प्रो-मेड नाम के एक सर्विलांस प्लेटफॉर्म ने चीन में निमोनिया को लेकर दुनियाभर में अलर्ट जारी किया है। इसी संस्था ने 2019 में भी कोरोना को लेकर भी अलर्ट जारी किया था। इस संस्था का कहना है कि एक दिन में 13 हजार बच्चे बीजिंग के अस्पतालों में भर्ती हुए हैं। 7 हजार से ज्यादा बच्चे हर रोज अस्पतालों में आ रहे हैं। ये 2019 के कोरोना जैसे हालात की याद दिला रहा है। ये सब कुछ देखकर ऐसा नहीं लगता है कि ये सिर्फ सामान्य निमोनिया है। अगर ऐसा है तो समस्या काफी गंभीर है क्योंकि ऐसे कई केसेज़ में दवाइयां काम नहीं करती हैं।
अब सवाल यह है कि ये रहस्यमयी बीमारी चीन में ही तेजी से क्यों फैल रही है? इस की एक वजह वहां कोरोना के वक्त लगी जीरो कोविड पॉलिसी भी हो सकती है। उस वक्त बरती गई कड़ाई की वजह से बच्चे घरों में कैद रहे और उन में इम्यूनिटी डेवलप नहीं हो पाई। अब जब वो बाहर निकल रहे हैं तो वे वायरस और बैक्टीरिया की चपेट में आ रहे हैं। इनसे लड़ने के लिए उनके शरीर में प्रतिरोधक क्षमता ही नहीं है।
लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह सिर्फ बच्चों में फैलने वाली बीमारी है। जिसकी भी इम्यूनिटी कमजोर होगी, ये बीमारी उसे अपना शिकार बनाएगी।
चीन में फैल रही इस बीमारी के लक्षण हैं – खांसी, गले में दर्द या खराश, बुखार, सांस फूलना, फेफड़े में सूजन, सांस नली में सूजन आदि. अधिक इन्फेक्शन होने पर सांस का गंभीर अटैक हो सकता है जोकि जानलेवा भी हो सकता है.
चीन की ये बीमारी संक्रामक है अर्थात एक इंसान से दूसरे इंसान में फैल सकती है. अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या चीन में फैल रही ये बीमारी भारत या दूसरे देशों में भी फैल सकती है?
अगर हम चीन का ही उदाहरण लें तो वहां के काफी हिस्सों में यह बीमारी फैल चुकी है। खासकर वहां के उत्तरी इलाके में इसका काफी ज्यादा असर है। कुछ मामले चीन के पड़ोसी देश वियतनाम से भी सामने आए हैं। ऐसे में इन संभावनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता है कि दूसरे देशों में भी ये बीमारी फैल सकती है। भारत को भी इसे लेकर सतर्क रहने की जरूरत है।

यदि किसी भी व्यक्ति को जुकाम खांसी बुखार इत्यादि हो तो उसे तुरंत वे सभी सावधानियाँ रखनी आरम्भ कर देना चाहिए जो कोविड के समय रखते हैं (मरीज एवं साथ रहने वाले सभी लोगों को मास्क का प्रयोग करना चाहिए, बार बार हाथ धोना व सैनीटाइज़र का प्रयोग करना चाहिए, अन्य लोगों से दूरी बना कर रखना चाहिए) एवं अपने फैमिली डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए.

डॉ. शरद अग्रवाल एम डी

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